विष्णु भजन | Vishnu Bhajan

विष्णु भगवान को सनातन धर्म में पालनहार कहा गया है। वे सृष्टि के संतुलन और रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। विष्णु भजन का जाप करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। श्री विष्णु भगवान के भजन, उनके भक्तों को ईश्वर के प्रति समर्पित होने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का उत्तम मार्ग प्रदान करते हैं।
विष्णु भजन के माध्यम से भक्त उनकी कृपा प्राप्त करते हैं और जीवन की नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्त हो जाते हैं। श्री विष्णु भगवान भजन हिंदी में गाने से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस लेख में हम विष्णु भगवान के भजन के महत्व, विधि, शुभ समय, लाभ और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी देंगे।

विष्णु भजन | श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि

श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे ।
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।
भजमन नारायण नारायण हरे हरे,
भजमन नारायण नारायण हरे हरे ।

जय जय नारायण नारायण हरे हरे,
जय जय नारायण नारायण हरे हरे ।
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।

हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ।
हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ॥

विष्णु नारायण नारायण हरि हरि,
विष्णु नारायण नारायण हरि हरि ।
बोलो नारायण नारायण हरि हरि,
बोलो नारायण नारायण हरि हरि ।
भजो नारायण नारायण हरि हरि,
भजो नारायण नारायण हरे हरे ।
जय जय नारायण नारायण हरे हरे,
जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।

श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे ।

हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ।
हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ॥

सत्य नारायण नारायण हरे हरे,
सत्य नारायण नारायण हरि हरि ।
जपो नारायण नारायण हरि हरि,
जपो नारायण नारायण हरि हरि ।
भजो नारायण नारायण हरि हरि,
भजो नारायण नारायण हरि हरि ।
जय जय नारायण नारायण हरे हरे,
जय जय नारायण नारायण हरे हरे ।

श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरे हरे ।
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे ।

हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ।
हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ॥

सूर्य नारायण नारायण हरे हरे,
सूर्य नारायण नारायण हरे हरे ।
बोलो नारायण नारायण हरे हरे,
बोलो नारायण नारायण हरि हरि ।
भजमन नारायण नारायण हरे हरे,
भजमन नारायण नारायण हरे हरे ।
जय जय नारायण नारायण हरे हरे,
जय जय नारायण नारायण हरे हरे ।

श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।

हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ।
हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ॥

विष्णु नारायण नारायण हरे हरे,
विष्णु नारायण नारायण हरे हरे ।
जपो नारायण नारायण हरि हरि,
जपो नारायण नारायण हरि हरि ।
भजो नारायण नारायण हरि हरि,
भजो नारायण नारायण हरे हरे ।
जय जय नारायण नारायण हरे हरे,
जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।

श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे ।

हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ।
हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ॥

बद्रीनारायण नारायण हरे हरे,
बद्रीनारायण नारायण हरे हरे ।
बोलो नारायण नारायण हरि हरि,
बोलो नारायण नारायण हरि हरि ।
भजमन नारायण नारायण हरि हरि,
भजमन नारायण नारायण हरे हरे ।
जय जय नारायण नारायण हरे हरे,
जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।

श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे ।

हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ।
हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ॥

ब्रह्म नारायण नारायण हरे हरे,
ब्रह्म नारायण नारायण हरे हरे ।
जपो नारायण नारायण हरे हरे,
जपो नारायण नारायण हरि हरि ।
भजो नारायण नारायण हरि हरि,
भजो नारायण नारायण हरे हरे ।
जय जय नारायण नारायण हरे हरे,
जय जय नारायण नारायण हरे हरे ।

श्रीमन नारायण नारायण हरे हरे,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।

हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ।
हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ॥

चन्द्र नारायण नारायण हरे हरे,
चन्द्र नारायण नारायण हरे हरे ।
बोलो नारायण नारायण हरे हरे,
बोलो नारायण नारायण हरे हरे ।
भजो नारायण नारायण हरे हरे,
भजो नारायण नारायण हरे हरे ।
जय जय नारायण नारायण हरि हरि,
जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।

श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि,
तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि,
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि ।

हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ।
हरिओम नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा ॥

विष्णु भगवान की महिमा और महत्व:

भगवान विष्णु त्रिदेवों में से एक हैं, जो संसार के पालनकर्ता माने जाते हैं। उनके अवतारों में श्रीराम, श्रीकृष्ण, नृसिंह, वामन आदि विशेष रूप से पूजनीय हैं। उनके भजन करने से जीवन में धैर्य, संयम और भक्ति की भावना जागृत होती है। श्री विष्णु भगवान के भजन से मानसिक शांति मिलती है और पापों का नाश होता है।

विष्णु भजन करने का शुभ समय और दिन:

शुभ समय: प्रातःकाल और संध्या समय।
शुभ दिन: एकादशी, गुरुवार, पूर्णिमा, और अन्य शुभ तिथियाँ।
विष्णु भजन को ब्रह्म मुहूर्त में करना अधिक लाभकारी होता है।
रात्रि में सोने से पूर्व भी श्री विष्णु भगवान भजन का जाप करने से मन शांत रहता है।

विष्णु भजन करने की सही विधि:

स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
घर के पूजा स्थल पर दीप जलाएं।
भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के समक्ष बैठकर भजन करें।
तुलसी की माला से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
भजन के साथ भगवान की आरती करें और प्रसाद अर्पित करें।

विष्णु भजन कौन कर सकता है और कौन नहीं कर सकता है:

कोई भी व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति के साथ विष्णु भगवान के भजन कर सकता है।
मानसिक और शारीरिक रूप से अशुद्ध स्थिति में भजन करने से बचना चाहिए।
नशे की अवस्था में भजन नहीं करना चाहिए।

विष्णु भगवान के भजन करने के लाभ (फायदे):

मानसिक शांति और आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है।
नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा मिलती है।
जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि आती है।
भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
पारिवारिक सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य और जानकारी:

श्री विष्णु भगवान भजन करने से संतान सुख, धन-वैभव और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
विष्णु सहस्रनाम का जाप करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं।
श्री हरि को पीले रंग के वस्त्र और तुलसी के पत्ते अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

निष्कर्ष:

श्री विष्णु भगवान के भजन करने से मन की शुद्धि और आत्मिक शांति प्राप्त होती है। यह भजन न केवल भक्तों को ईश्वर से जोड़ता है, बल्कि उनके जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। नियमित रूप से श्री विष्णु भगवान के भजन हिंदी में करने से समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न:

1. विष्णु भगवान के भजन करने का सर्वोत्तम समय कौन सा है?
प्रातःकाल और संध्या समय भजन करने के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं।

2. क्या कोई भी व्यक्ति विष्णु भगवान का भजन कर सकता है?
हाँ, श्रद्धा और विश्वास के साथ कोई भी व्यक्ति भजन कर सकता है।

3. विष्णु भजन करने से क्या लाभ होता है?
मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति, और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

4. विष्णु भजन करने के लिए कोई विशेष विधि है?
हाँ, स्वच्छता का ध्यान रखते हुए, तुलसी की माला से मंत्र जाप और भजन करना उत्तम होता है।

5. विष्णु भजन करने से मन की शांति कैसे मिलती है?
भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और मन में शांति आती है।

6. विष्णु भजन के दौरान कौन-कौन से नियमों का पालन करना चाहिए?
शुद्धता, समर्पण, श्रद्धा और नियमबद्धता का पालन आवश्यक है।

7. विष्णु भजन करने के लिए कौन-कौन से मंत्र प्रभावी होते हैं?
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और विष्णु सहस्रनाम का जाप विशेष लाभकारी होता है।

8. विष्णु भजन किन दिनों में करना अधिक शुभ होता है?
गुरुवार, एकादशी, और पूर्णिमा को भजन करना विशेष फलदायी होता है।

9. विष्णु भजन के लिए कौन-कौन से संगीत वाद्ययंत्र प्रयोग किए जाते हैं?
हर्मोनियम, ढोलक, मृदंग, और झांझ का उपयोग भजन में किया जाता है।

10. विष्णु भगवान के प्रिय भोग कौन-कौन से हैं?
खीर, पंचामृत, तुलसी दल, और मोदक भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं।

3 thoughts on “विष्णु भजन | Vishnu Bhajan”

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